सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया !

आग लगाने वालो को कहाँ खबर है, रुख हवाओं ने बदला तो खाख वो भी होंगे !

पहले चुभा बहुत अब आदत सी है, यह दर्द पहले था अब इबादत सी है !

खामोशी की तह में छुपा लीजिये उलझनें, क्योंकि शोर कभी मुश्किलें आसान नहीं करती !

नाराज़गी दूर नहीं हुई हज़ारों बार मनाने पर, न जाने कैसा महबूब है अड़ गया है रुलाने पर !

मुझसे मेरी चाहत का सुबूत मांगते हैं वो, जिनका नाम ले ले कर मेरी सांसें चलती हैं !

तेरी मोहब्बत में एक बात सीखी है, तेरे साथ के बिना ये दुनिया फीकी है !

बस यही सोचकर कोई सफ़ाई नही दी हमने, कि इल्जाम भले ही झूठे हो पर लगाये तो तुमने हैं

तुम लाख दुआ कर लो मुझसे दूर जाने की मेरी दुआ भी उसी खुदा से है तुझे मेरे करीब लाने की.

अभी ज़रा वक़्त है, उसको मुझे आज़माने दो. वो रो रोकर पुकारेगा मुझे, बस मेरा वक़्त तो आने दो।