जानें गिरगिट क्यों बदलती है रंग ?

गिरगिट को रंग बदलते हुए तो आपने देखा ही होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं की ये अपना रंग क्यों और कैसे बदलते हैं ? आइए जानते हैं इसके बारे में-

माना जाता है कि गिरगिट अपनी भावनाओं के अनुसार अपना रंग बदलते हैं। एक-दूसरे से बात करने और जानवरों को अपना मिजाज बताने के लिए गिरगिट अपना रंग बदलते हैं।

बात करने के लिए

यह फोटोनिक क्रिस्टल की परत प्रकाश के परावर्तन को प्रभावित करती है, जिससे गिरगिट का कलर बदला हुआ नजर आने लगता है। अगर वह जोश में हो, तो फोटोनिक क्रिस्टल ढीली पड़ जाती है। ऐसे में उसका रंग लाल या पीला हो जाता है।

लाल-पीला रंग

कहा जाता है कि गिरगिट अपनी सुरक्षा करने के लिए रंग बदलते हैं। कई बार वे शिकारियों से बचने के लिए अपने आप को उसी रंग में बदल लेते हैं जहां वो बैठ होते हैं।

सुरक्षा के लिए

गिरगिट के शरीर में फोटोनिक क्रिस्टल नाम की एक परत होती है, जो उन्हें वातावरण के अनुसार रंग बदलने में मदद करती है।

फोटोनिक क्रिस्टल

यह भी कहा जाता है कि गिरगिट कई बार अपना रंग नहीं सिर्फ चमक बदलते हैं। इसके अलावा, खतरे की स्थिति में वे रंग के साथ-साथ अपना आकार भी बदल लेते हैं।

चमक बदलना

जब गिरगिट को गुस्सा आता है या डर लगता है, तो उसका नर्वस सिस्टम इन कोशिकाओं को मैसेज देता और इससे गिरगट का रंग काला हो जाता है।

गुस्सा आना

तापमान के अनुसार भी गिरगिट रंग बदलते हैं। सूरज की गर्म रोशनी के चलते गिरगिट का रंग काला हो जाता है।

सूरज की रोशनी

कम तापमान और अंधेरे में गिरगिट की त्वचा का रंग पीला हो जाता है। स्टोरी अच्छी लगी हो, तो लाइक और शेयर करें। इस तरह की अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें 

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