अगर घर में होता है रामचरितमानस का पाठ तो ध्यान में रखें ये नियम

रामचरितमानस एक ऐसा धार्मिक ग्रंथ है जिसका नियमित पाठ और इसकी सच्चे मन से की गई पूजा किसी भी व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती है।

इसमें लिखे गए हर एक दोहे और चौपाई का अलग महत्व और मतलब है और ये जीवन के सत्य को परिलक्षित करती है।

पाठ करने के नियम

– रामचरित मानस का पाठ करने से पहले चौकी पर पर सुंदर वस्त्र बिछाकर भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करें।

पाठ करने के नियम

- सर्वप्रथम हनुमान जी का आह्वाहन करें व उन्हें राम कथा में आमंत्रित करें।

पाठ करने के नियम

- ऐसा माना जाता है कि भगवान राम जी के पूजन से पूर्व हनुमान जी का आह्वाहन अनिवार्य होता है। जिससे पूजा का सही फल मिल सके।

पाठ करने के नियम

– हनुमान जी का आह्वाहन करने के पश्चात श्री गणपति का आह्वाहन करते हुए रामचरितमानस का पाठ शुरू करें।

पाठ करने के नियम

– नियमित रूप से आप जहां तक पाठ कर सकते हैं वहां तक रामचरित मानस का पाठ करें फिर विराम देते हुए रामायण जी की आरती करें।

पाठ करने के नियम

– रोज पवित्र तन और मन से ही रामचरित मानस का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।